बलिया। शहर में शुक्रवार को ऐतिहासिक एवं पारंपरिक महावीरी झंडा जुलूस पूरे उत्साह, उमंग और धूमधाम के साथ निकाला गया। जुलूस में शामिल नौ अखाड़ों ने अपनी युद्धकला और शौर्य प्रदर्शन से लोगों को रोमांचित कर दिया। हाथी, घोड़े, ऊंट, आकर्षक धार्मिक झांकियां, पारंपरिक नृत्य और डीजे जुलूस के प्रमुख आकर्षण रहे।
महावीरी झंडा जुलूस को देखने के लिए बलिया शहर के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। जुलूस के मार्ग पर जगह-जगह लोगों की भीड़ उमड़ी रही। अखाड़ों के खिलाड़ियों ने पारंपरिक युद्धकला के हैरतअंगेज करतब दिखाकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
जुलूस में शामिल विशाल झांकियों और सजे-धजे हाथी, घोड़े एवं ऊंट लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। देर रात तक विभिन्न देवी-देवताओं की झांकियां शहर की सड़कों से गुजरती रहीं। धार्मिक गीतों और जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
जुलूस मार्ग पर जगह-जगह भगवान हनुमान की प्रतिमाओं की पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान पूरा शहर 'जय श्रीराम' के उद्घोष से गूंजता रहा।
महावीरी झंडा जुलूस ने एक बार फिर बलिया की पारंपरिक सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को जीवंत कर दिया। नौ अखाड़ों की मौजूदगी, शौर्य प्रदर्शन और भव्य झांकियों ने आयोजन को खास बना दिया। देर रात तक शहर में उत्सव का माहौल बना रहा।
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