जेपी नगर से गड़वार रोड और न्यू सिविल लाइन तक अव्यवस्था का आलम, जर्जर हाईटेंशन तारों को लेकर लोगों में दहशत; हादसों के बावजूद विभाग पर अनदेखी के आरोप
बलिया। जनपद में विद्युत व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बिजली कटौती, बार-बार ट्रिपिंग, लो-वोल्टेज और जर्जर विद्युत तारों की समस्या ने शहर के कई इलाकों में लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। स्थानीय उपभोक्ताओं का आरोप है कि ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा के बेहतर बिजली आपूर्ति के दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है।
नगर के जेपी नगर, गड़वार रोड और न्यू सिविल लाइन क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी है। उपभोक्ताओं का कहना है कि विभागीय अधिकारियों को बार-बार समस्या से अवगत कराने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है और उसके बाद ही उसकी ‘कुंभकरणी नींद’ टूटेगी।
गड़वार रोड फीडर से 12 घंटे भी नहीं मिल रही निर्बाध बिजली
गड़वार रोड फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं के मुताबिक क्षेत्र में प्रतिदिन 12 घंटे भी निर्बाध बिजली मिलना मुश्किल हो गया है। भीषण गर्मी और उमस के बीच बार-बार बिजली कटने से घरों के साथ-साथ दुकानदारों और छोटे कारोबारियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली आने के बाद भी समस्या खत्म नहीं होती। बार-बार ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज के कारण विद्युत उपकरणों को लेकर भी लोगों में चिंता बनी रहती है।
जेपी नगर में सिर के ऊपर मंडरा रहा ‘लटकता खतरा’
जेपी नगर और गड़वार मार्ग पर मुख्य सड़क के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन विद्युत तारों की स्थिति को लेकर स्थानीय लोग चिंतित हैं। आरोप है कि कई स्थानों पर तार नीचे तक लटक रहे हैं और उनकी हालत बेहद जर्जर है।
मुख्य मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन और राहगीर गुजरते हैं। ऐसे में नीचे लटकते हाईटेंशन तारों को लेकर किसी गंभीर हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि तारों की स्थिति विभाग के संज्ञान में है तो उन्हें तत्काल क्यों नहीं बदला जा रहा है?
पहले भी हुए हादसे, फिर भी नहीं बदले जर्जर तार
स्थानीय निवासियों के अनुसार जर्जर विद्युत तारों के कारण पूर्व में भी हादसे हो चुके हैं। लोगों का दावा है कि मवेशियों के करंट की चपेट में आने से लेकर राहगीरों के चोटिल होने तक की घटनाएं सामने आती रही हैं।
इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है, लेकिन यदि पुराने हादसों के बावजूद जर्जर तार उसी स्थिति में बने हुए हैं तो यह विभागीय निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
मंत्री के ‘बेहतर बिजली आपूर्ति’ के दावों पर सवाल
प्रदेश सरकार की ओर से बेहतर विद्युत आपूर्ति और व्यवस्था में सुधार के दावे किए जाते रहे हैं। दूसरी ओर, न्यू सिविल लाइन और आसपास के क्षेत्रों के उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें लगातार कटौती और फाल्ट का सामना करना पड़ रहा है।
ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि सरकारी दावे आखिर किस हद तक जमीन पर उतर रहे हैं?
क्या बिजली व्यवस्था में सुधार का दावा केवल आंकड़ों और कागजी रिपोर्टों तक सीमित है, या विभागीय अधिकारी वास्तव में जमीनी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं?
जनता पूछ रही—आखिर कब बदले जाएंगे जर्जर तार?
क्षेत्रीय उपभोक्ताओं का कहना है कि वे नियमित रूप से बिजली का बिल चुका रहे हैं, लेकिन बदले में उन्हें अनियमित आपूर्ति और जान का खतरा झेलना पड़ रहा है।
लोगों की मांग है कि:
- जेपी नगर और गड़वार रोड के जर्जर हाईटेंशन तारों का तत्काल निरीक्षण कराया जाए।
- मुख्य मार्ग के ऊपर लटक रहे तारों को प्राथमिकता के आधार पर बदला जाए।
- गड़वार रोड फीडर की बार-बार ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
- पूर्व में हुए हादसों और शिकायतों का रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाए।
- विद्युत व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए।
सबसे बड़ा सवाल
जब जर्जर तार हादसे का खतरा बने हुए हैं और उपभोक्ताओं को नियमित बिजली भी नहीं मिल रही, तो विभाग कार्रवाई के लिए आखिर किस बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?
समाचार बैंक | बलिया
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