बलिया : नगर कोतवाली गेट के सामने बुधवार की दोपहर अधिवक्ताओं ने विकास खंड सोहांव के मौजा करेन्जा क्षेत्र के कानूनगो की जमकर पिटाई कर दिया। इस घटना से भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। पुलिस ने कानूनगो की तहरीर पर दो नामजद व 10 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

सुल्तानपुर जिला निवासी मोती लाल राम बलिया जिले के सोहांव ब्लॉक के करेन्जा गांव अंतर्गत कानूनगो के पद पर तैनात है, जो छह जुलाई को एसडीएम बलिया के आदेश के क्रम में करेन्जा गांव निवासी वादी प्रेमशंकर यादव के आवेदन पर विवादित जमीन की नापी करने हल्का लेखपाल विपिन सिंह के साथ गए हुए थे। आरोप है कि वहां उन लोगों द्वारा गाली गलौज, जाति सूचक शब्द व मारपीट कानूनगो के साथ की गई। इनके विरुद्ध तहरीर लेकर सात जुलाई को पीड़ित कानूनगो मोतीलाल राम अपने कुछ साथियों के साथ कोतवाली गए हुए थे। वहां प्रभारी निरीक्षक के नहीं रहने पर वे लौट रहे थे.
आरोप है कि तभी अधिवक्ता ओम प्रकाश व उनके पुत्र हर्षित दुबे के अलावा अज्ञात 10 लोगों ने कोतवाली गेट के सामने उनकी जमकर पिटाई कर दी। आवेदन पत्र को फाड़कर नारेबाजी करने लगे। कानूनगो को काफी चोटे आई। पुलिस ने कोतवाली के बाहर पीटे गये कानूनगो की तहरीर पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
उधर, अधिवक्ताओं ने जमकर हंगामा किया। अधिवक्ताओं का आरोप था कि जनपद के लेखपाल व कानूनगो बिना पैसा लिए कोई काम नहीं करते है। उनके द्वारा मारपीट करने का आरोप बेबुनियाद है। उधर, अधिवक्ताओं की ओर से वादी प्रेम शंकर यादव निवासी चौरा ने तहरीर दी है कि सात जुलाई को हम अपने अधिवक्ता के साथ तहसील बलिया में एसडीएम से शिकायत करने गए हुए थे। जहां हल्का कानूनगो मोतीलाल राम व लेखपाल विपिन सिंह ने उनसे 50 हजार रुपया मांगा। कहा कि बिना पैसा दिए काम नहीं होगा। विरोध किया तो उनके साथ गाली-गलौज किया।