भारत सरकार ने RTI - राइट टू इनफार्मेशन एक्ट 2005 जिसे की हम सूचना के अधिकार 2005 के नाम से भी जानते हैं को दरअसल फ्रीडम आफ इनफॉरमेशन एक्ट 2002 को और ज्यादा असरदार और और ज्यादा विस्तृत बनाने के उद्देश्य से लागू किया था.  राइट टू इनफार्मेशन एक्ट, दोनों संसद के दोनों सदनों द्वारा 2005 में पारित हुआ जिसे कि माननीय राष्ट्रपति ने 15 जून 2005 को लागु किया. 

इस एक्ट में सेंट्रल इनफॉरमेशन कमिशन का  प्रावधान किया गया है.  सेंट्रल इनफॉरमेशन कमिशन में चीफ इनफॉरमेशन कमिश्नर और उनके साथ कुछ इंफॉर्मेशन कमिश्नर जो कि अधिकतम 10 की संख्या में हो सकते हैं, का प्रावधान किया गया है.  चीफ इनफॉरमेशन कमिश्नर की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं जो कि प्रधानमंत्री और लीडर आफ अपोजिशन (लोक सभा), और यूनियन कैबिनेट मिनिस्टर जिसको की प्रधानमंत्री नामित करते हैं, उनके सुझाव के आधार पर करते हैं.

सूचना के अधिकार एक्ट 2005 को भारत के सबसे शक्तिशाली विधान में से एक माना जाता है जो कि इस देश के नागरिकों को किसी भी सार्वजनिक प्राधिकरण या उनकी गतिविधियों पर या उनके कार्यवाही के ऊपर सवाल पूछने और सवाल उठाने का अधिकार देता है. इस अधिनियम के लागू होने के पश्चात हर सरकारी विभाग या कार्यालय अपने कामकाज में पारदर्शिता बरतने और काम की जवाबदेही के लिए जिम्मेदार है.

सूचना के अधिकार कानून के तहत भारत का प्रत्येक नागरिक किसी भी सार्वजनिक विभाग या सार्वजनिक संस्थान से जानकारी हासिल कर सकता है, चाहे वह केंद्रीय हो या राज्य सरकार से संबंधित कार्यालय या विभाग.

दरअसल 2005 में सूचना का अधिकार को सरकारी कार्यालयों एवं संस्थाओं में हो रहे भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के उद्देश्य से लाया गया था इस कानून के तहत भारत का कोई भी नागरिक किसी भी सरकारी संस्थान से अपने हाथ से लिख करके या टाइप करके किसी भी तरह की जानकारी प्राप्त कर सकता है.

हालांकि इसका कोई विशेष प्रारूप नहीं है लेकिन, आप जिस भी सरकारी संस्थान से या कार्यालय से किसी  भी प्रकार की जानकारी लेना चाहते हैं आप उसके सीपीआईओ - केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी या एपीआईओ - सहायक लोक सूचना अधिकारी कहते हैं, उसको आवेदन करके जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

प्रत्येक सरकारी विभाग एवं मंत्रालय, केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी एवं सहायक लोक सूचना अधिकारी की नियुक्ति करने के लिए बाध्य  है.

सूचना के अधिकार अधिनियम के अनुसार आपके द्वारा मांगी गई सूचना का जवाब 30 दिन के अंदर मिल जाएगा, इसका प्रावधान इस अधिनियम की धारा 7 के अंतर्गत किया गया है.  इसमें यहां तक प्रावधान है कि अगर यह सूचना आपके जीवन के स्वतंत्रता से संबंधित है तो उस तरह के सवालों का जवाब कार्यालय को या विभाग को 48 घंटे के अंदर प्रदान करना होगा.

भारत का कोई भी नागरिक आरटीआई कानून के तहत ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी भी माध्यम से आवेदन कर सकता है. अगर आपने आरटीआई के तहत कोई जानकारी मांगी है और आपको सूचना मिलने में देरी हो रही है या बिना वजह बताएं आपको सूचना नहीं दी जा रही है या मना किया जा रहा है तो लोक सूचना अधिकारी है या  सहायक सूचना अधिकारी जुर्माने का पात्र होगा. इसका भी प्रावधान इस अधिनियम की धारा 20 में किया गया है, इसके अनुसार अगर कोई अधिकारी व्यक्ति द्वारा मांगी गई सूचना समय से नहीं देता है तो उसे ₹ 250  प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना देना पड़ेगा जो कि अधिकतम ₹25000 तक हो सकती है.

इस अधिनियम की धारा 8 के अनुसार कुछ विषय ऐसे भी हैं जिन्हें कि सूचना के अधिकार से बाहर रखा गया है अर्थात कुछ ऐसे विषय  जिनकी  जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती है या जिन्हें गुप्त रखा जाना चाहिए उनके बारे में इस एक्ट की धारा 8 में व्याख्या की गई है.  

RTI के द्वारा कैसे प्राप्त करें सूचना

अगर आपको किसी भी विभाग से किसी भी प्रकार की सूचना या जानकारी चाहिए होगी तो सबसे पहले आप उस विभाग के वेबसाइट के माध्यम से या ऑफलाइन माध्यम से भी उस विभाग के  लोक सूचना अधिकारी है या  सहायक सूचना अधिकारी की पूरी जानकारी या सूचना इकट्ठा कर सकते हैं. 

आवेदन को दर्ज करने के लिए आप  बैंक ड्राफ्ट, मनीआर्डर या फिर पोस्टल आर्डर के माध्यम से भुगतान कर सकते हैं.  गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले  व्यक्ति को शुल्क भुगतान नहीं करने की छूट दी जाती है,  इसके लिए आपको यह साबित करने के लिए यह दस्तावेज भी लगाना पड़ता है. 

आरटीआई के माध्यम से आपको जानकारी प्राप्त करने के लिए आपको अपना पूरा नाम, पता, संपर्क विवरण, ईमेल आईडी और अपने शहर का नाम वगैरा लिखना पड़ता है आप उसको चाहे तो व्यक्तिगत रूप से जाकर के विभाग को दे सकते हैं या आप इसको डाक के माध्यम से भी भेज सकते हैं लेकिन एक चीज का ध्यान रखें कि आपको इसकी एक फोटो कॉपी को जरूर रखिए जिसमें कि आप उसकी रिसिप्ट या पावती सबूत के तौर पर अपने पास रख सके. 

ऑनलाइन आवेदन करने के लिए आपको वेबसाइट  www.rtionline.gov.in आवेदन करना होगा इस वेबसाइट पर आपको सारे तरीके और गाइडलाइंस बताई गई है. 

आशा करता हूँ कि इस लेख के माध्यम से आप सबको कैसे RTI दाखिल करना है समझा पाया हूँ. फिर भी अगर ज्यादा जानकारी की जरुरत हो तो निचे कमेंट सेक्शन या मेल कर सकते हैं.

आपकी टिप्पणियों और विचारों का स्वागत है!

Amit

अमित कुमार श्रीवास्तव

पूर्व वायु सैनिक एवं कानूनी विषयों के जानकार

write2amitks@yahoo.com

12 जनवरी 2022